धरती अमृत

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भारत एक कृषि प्रधान देश है। सदियों से खेती आजीविका का मुख्य साधन रही है। यहाँ की कृषि पशु आधारित भी रही है। लेकिन पिछले कुछ दशकों से यह कृषि दूषित सी हो गयी है। इसका कारण ज़मीन पर अंधाधुंध इस्तेमाल हो रहे केमिकल व कीटनाशक हैं। जिसके कारण देश को आर्थिक व स्वास्थ्य का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

विदेशी कंपनियों के दुष्चक्र में फँसकर किसान अधिकाधिक केमिकलों व कीटनाशकों का प्रयोग कर रहें है।इससे उन्हें आर्थिक नुकसान तो उठाना पड़ता ही है , साथ ही धरती को भी नुकसान होता है। ज़मीन में पानी का स्तर दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है। देश में स्वास्थ्य की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।
बिना पेड़ों के मनुष्य जीवन की कल्पना करना असंभव है । ऐसे पेड़ जो ऑक्सिजन के साथ साथ खेतों को वापस उपजाऊ कर दें तथा किसानों की आय में भी सहायक हों , ऐसे पेड़ों को agro forest कहा जाता है। किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। Agro forest द्वारा किसान अपनी आय में वृद्धि आसानी से कर सकते हैं।
हमारा उद्देश्य देसी गौ आधारित खेती पर किसानों को वापस लाना है। देसी गौ आधारित खाद व कीटनाशकों से पैदा की गई फसलें स्वास्थ्य की द्रष्टि से अति उपयोगी हैं। इन खाद व कीटनाशकों से धरती की उर्वरकता शक्ति बढ़ती है। ज़मीन से पानी का दोहन कम होता है। देशी गौ अमृत द्वारा धरती माता से वापस अमृत उगाने की यह कोशिश है।
इसमें देशी गौ वंश को (जो की तिरस्कृत सा हो चुका है) वापस मुख्य धारा में लाकर उन्नत खेती,स्वास्थ्य व अर्थव्यवस्था को सुद्रढ करके किसानों व आमजन को खुशहाल बनाने का  यह अभिनव प्रयास है।